स्काई डाइविंग के दौरान बुरी तरह फंसा बंदा, एक गलती के कारण प्लेन में अटका पैराशूट

उत्तर क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में स्काइडाइविंग से जुड़ी एक बेहद खतरनाक और दुर्लभ घटना सामने आई, जिसने विमानन और एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. यह हादसा उस समय हुआ, जब एक स्काइडाइवर लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर विमान से छलांग लगाने की तैयारी कर रहा था. अचानक परिस्थितियां इस कदर बिगड़ गईं कि उसका रिजर्व पैराशूट विमान की पूंछ में फंस गया और वह खुले आसमान में विमान से बाहर लटकता रह गया.

ऑस्ट्रेलियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो की शुरुआती जांच रिपोर्ट के अनुसार, घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब स्काइडाइवर दरवाजे के पास बाहर निकलने की स्थिति में था. उसी दौरान उसके रिजर्व पैराशूट का हैंडल विमान के विंग फ्लैप से टकरा गया. यह टकराव सामान्य नहीं था, लेकिन इसके परिणाम बेहद गंभीर साबित हुए. टक्कर के कारण रिजर्व पैराशूट अचानक और अनियंत्रित रूप से खुल गया. तेज हवा और विमान की गति ने स्काइडाइवर को जोर से बाहर की ओर खींच लिया और पैराशूट विमान के पिछले हिस्से में उलझ गया.

जैसे ही पैराशूट विमान की पूंछ से अटक गया, पूरे विमान की संतुलन स्थिति बिगड़ने लगी. ATSB की रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान की गति में अचानक गिरावट दर्ज की गई. पायलट को तुरंत यह महसूस हुआ कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो विमान स्टॉल की स्थिति में जा सकता है. खतरे को भांपते हुए पायलट ने आपातकालीन नियंत्रण प्रक्रियाएं लागू करना शुरू कर दिया.

इसी दौरान विमान के भीतर मौजूद अन्य 13 स्काइडाइवर्स ने स्थिति की गंभीरता को समझा. उन्हें यह साफ दिख रहा था कि विमान पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो रहा है. पायलट के निर्देश और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी स्काइडाइवर्स ने एक के बाद एक विमान से छलांग लगा दी, ताकि वजन कम हो सके और विमान को संभालने में मदद मिल सके.

वहीं दूसरी ओर, विमान की पूंछ से लटका स्काइडाइवर बेहद जानलेवा हालात में फंसा हुआ था. तेज रफ्तार हवा, हजारों फीट की ऊंचाई और विमान की अस्थिर गति उसके लिए किसी भी पल जानलेवा साबित हो सकती थी. ऐसी स्थिति में घबराहट स्वाभाविक थी, लेकिन स्काइडाइवर ने अपने प्रशिक्षण और अनुभव पर भरोसा रखा. उसने संयम बनाए रखा और तुरंत फैसला लिया.

ATSB की रिपोर्ट के मुताबिक, स्काइडाइवर ने अपने रिजर्व पैराशूट से जुड़ी सभी 11 लाइनों को एक विशेष कटर की मदद से काट दिया. यह निर्णय आसान नहीं था, क्योंकि किसी भी गलत कदम का परिणाम घातक हो सकता था. जैसे ही आखिरी लाइन कटी, स्काइडाइवर विमान से अलग हो गया और तेजी से नीचे गिरने लगा. पर्याप्त ऊंचाई शेष होने के कारण उसने अपने मुख्य पैराशूट को सक्रिय किया, जो सही तरीके से खुल गया.

मुख्य पैराशूट के खुलते ही स्थिति काफी हद तक नियंत्रित हो गई. स्काइडाइवर सुरक्षित रूप से नीचे उतर सका और तय लैंडिंग क्षेत्र में जमीन पर पहुंचा. मेडिकल टीम ने तुरंत उसकी जांच की. जांच में सामने आया कि उसे केवल हल्की चोटें आई थीं. विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटना में मामूली चोटों के साथ बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा सकता.

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